होम / ज़िक्र और दुआओं का संग्रह

रोज़ की दुआएँ

रोज़मर्रा के मौक़ों की छोटी दुआएँ: सोने से पहले और जागने के बाद, घर में दाख़िल होते और निकलते समय, खाने से पहले और बाद, पढ़ाई, सफ़र और भी बहुत कुछ। हर एक के साथ अरबी, उच्चारण और मतलब है।

  • 1. सोने से पहले की दुआ

بِٱسْمِكَ ٱللَّهُمَّ أَحْيَا وَبِاسْمِكَ أَمُوتُ

मतलब

ऐ अल्लाह, तेरे नाम से मैं जीता हूँ और मरता हूँ

  • 2. सोकर उठने की दुआ

ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ ٱلَّذِىٓ أَحْيَانَا بَعْدَ مَآ أَمَاتَنَا وَإِلَيْهِ ٱلنُّشُورُ

मतलब

सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए है जिसने हमें मौत (नींद) के बाद ज़िंदगी दी (नींद से जगाया) और उसी की तरफ़ हमें लौटकर जाना है

  • 3. बाथरूम (शौचालय) में जाने की दुआ

ٱللَّهُمَّ إِنِّىٓ أَعُوذُ بِكَ مِنَ ٱلْخُبُثِ وَٱلْخَبَـَٔائِثِ

मतलब

ऐ अल्लाह, मैं नर और मादा शैतानों के बहकावे से तेरी पनाह माँगता हूँ

  • 4. आईना देखते वक़्त की दुआ

ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ كَمَا حَسَّنتَ خَلْقِي فَحَسِّنْ خُلُقِي

मतलब

सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए है, जैसे तूने मेरी सूरत अच्छी बनाई है, वैसे ही मेरे अख़लाक़ भी अच्छे कर दे

  • 5. घर से निकलने की दुआ

بِسْمِ ٱللَّهِ تَوَكَّلْتُ عَلَى ٱللَّهِ لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِٱللَّه

मतलब

अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया, अल्लाह की मदद के बिना न कोई ताक़त है न कोई क़ुव्वत।

  • 6. घर में दाख़िल होने की दुआ

ٱللَّهُمَّ إِنِّىٓ أَسْأَلُكَ خَيْرَ ٱلْمَوْلِجِ وَخَيْرَ ٱلْمَخْرَجِ بِسْمِ ٱللَّهِ وَلَجْنَا وَبِسْمِ ٱللَّهِ خَرَجْنَا وَعَلَى ٱللَّهِ رَبَّنَا تَوَكَّلْنَا

मतलब

ऐ अल्लाह, मैं तुझसे अच्छे दाख़िले और अच्छे निकलने का सवाल करता हूँ, अल्लाह के नाम से हम दाख़िल हुए, और अल्लाह के नाम से हम निकले, और अपने रब अल्लाह पर हमने भरोसा किया।

  • 7. फ़ायदेमंद इल्म की दुआ

ٱللَّهُمَّ إِنِّىٓ أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَّافِعًا وَرِزْقًا طَيِّبًا وَعَمَلًا مُّتَقَبَّلًا

मतलब

ऐ अल्लाह, मैं तुझसे फ़ायदेमंद इल्म, पाक रोज़ी और क़बूल होने वाले अमल का सवाल करता हूँ। (इब्ने माजा ने रिवायत किया)

  • 8. पढ़ाई से पहले की दुआ

يَـٰرَبِّ زِدْنِى عِلْمًا وَٱرْزُقْنِي فَهْمًا

मतलब

ऐ अल्लाह, मेरे इल्म में इज़ाफ़ा फ़रमा और मुझे समझ की बरकत अता फ़रमा

  • 9. पढ़ाई के बाद की दुआ

ٱللَّهُمَّ إِنِّىٓ أَسْتَوْدِعُكَ مَا عَلَّمْتَنِي فَٱرْدُدْهُ إِلَيَّ عِندَ حَاجَتِي وَلَا تَنسَنِيَّهُ يَارَبَّ ٱلْعَـٰلَمِينَ

मतलब

ऐ अल्लाह, जो इल्म तूने मुझे सिखाया है उसे मैं तेरे सुपुर्द करता हूँ, जब मुझे उसकी ज़रूरत हो तो उसे मेरी तरफ़ लौटा देना, और मुझे उसे भूलने न देना, ऐ तमाम जहानों के रब।

  • 10. वुज़ू से पहले की दुआ

نَوَيْتُ ٱلْوُضُوءَ لِرَفْعِ ٱلْحَدَثِ ٱلْأَصْغَرِ فَرْضًا لِّلَّهِ تَعَـٰلَى

मतलब

मैं अल्लाह तआला के लिए छोटी नापाकी (हदस-ए-असग़र) दूर करने की ख़ातिर फ़र्ज़ वुज़ू की नीयत करता हूँ

  • 11. वुज़ू के बाद की दुआ

أَشْهَدُ أَن لَّآ إِلَهَ إِلَّا ٱللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ. ٱللَّهُمَّ ٱجْعَلْنِى مِنَ ٱلتَّوَّٰبِينَ وَٱجْعَلْنِى مِنَ ٱلْمُتَطَهِّرِينَ، وَٱجْعَلْنِى مِنْ عِبَادِكَ ٱلصَّـٰلِحِينَ

मतलब

मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं, और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद उसके बंदे और रसूल हैं। ऐ अल्लाह, मुझे तौबा करने वालों में से बना, मुझे पाक-साफ़ रहने वालों में से बना, और मुझे अपने नेक बंदों में से बना।

  • 12. क़ुरआन पढ़ने से पहले की दुआ

ٱللَّهُمَّ ٱفْتَحْ عَلَيَّ حِكْمَتَكَ وَٱنشُرْ عَلَيَّ رَحْمَتَكَ وَذَكِّرْنِي مَا نَسِيتُ يَا ذَا ٱلْجَلَـٰلِ وَٱلْإِكْرَامِ

मतलब

ऐ अल्लाह, मुझ पर अपनी हिकमत खोल दे, मुझ पर अपनी रहमत फैला दे और जो मैं भूल गया हूँ वह मुझे याद दिला दे, ऐ बड़ाई और इज़्ज़त वाले

  • 13. क़ुरआन पढ़ने के बाद की दुआ

ٱللَّهُمَّ ٱرْحَمْنِي بِٱلْقُرْءَانِ. وَٱجْعَلْهُ لِىٓ إِمَامًا وَنُورًا وَهُدًى وَرَحْمَةً. ٱللَّهُمَّ ذَكِّرْنِي مِنْهُ مَا نَسِيتُ وَعَلِّمْنِي مِنْهُ مَا جَهِلْتُ. وَٱرْزُقْنِي تِلَاوَتَهُ ءَانَـَٔاءَ ٱللَّيْلِ وَأَطْرَافَ ٱلنَّهَارِ. وَٱجْعَلْهُ لِى حُجَّةً يَا رَبَّ ٱلْعَـٰلَمِينَ

मतलब

ऐ अल्लाह, अज़ीम क़ुरआन के ज़रिए मुझ पर रहम फ़रमा, उसे मेरे लिए इमाम, नूर, हिदायत और रहमत बना दे। ऐ अल्लाह, जो मैं उसमें से भूल गया हूँ वह मुझे याद दिला दे और जो मैं नहीं जानता वह मुझे सिखा दे, मुझे रात और दिन के वक़्तों में उसकी तिलावत की तौफ़ीक़ दे, और उसे मेरे हक़ में मज़बूत दलील बना दे, ऐ तमाम जहानों के रब।

  • 14. नहाने से पहले की दुआ

ٱللَّهُمَّ ٱغْفِرْ لِى ذَنْبِي وَوَسِّعْ لِى فِى دَارِي وَبَارِكْ لِى فِى رِزْقِي

मतलब

ऐ अल्लाह, मेरे गुनाह माफ़ कर दे, मेरे घर में कुशादगी दे और मेरी रोज़ी में बरकत दे

  • 15. सफ़र पर निकलने की दुआ

ٱللَّهُمَّ هَوِّنْ عَلَيْنَا سَفَرَنَا هَذَا وَٱطْوِ عَنَّا بُعْدَهُ، ٱللَّهُمَّ أَنتَ ٱلصَّاحِبُ فِى ٱلسَّفَرِ وَٱلْخَلِيفَةُ فِى ٱلْأَهْلِ

मतलब

ऐ अल्लाह, हमारे इस सफ़र को हम पर आसान कर दे और इसकी दूरी को हमारे लिए समेट दे। ऐ अल्लाह, तू ही सफ़र में साथी है और घर वालों का निगहबान भी तू ही है।

  • 16. मंज़िल पर पहुँचने की दुआ

ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ ٱلَّذِى سَلَّمَنِي وَٱلَّذِىٓ ءَاوَانِي وَٱلَّذِى جَمَعَ ٱلشَّمْلَ بِى

मतलब

सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए है, जिसने मुझे सलामत रखा, मेरी हिफ़ाज़त की और मुझे मेरे घर वालों से मिला दिया।

  • 17. कपड़े पहनने की दुआ

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱللَّهُمَّ إِنِّىٓ أَسْأَلُكَ مِنْ خَيْرِهِ وَخَيْرِ مَا هُوَ لَهُ وَأَعُوذُ بِكَ مِن شَرِّهِ وَشَرِّ مَا هُوَ لَهُ

मतलब

ऐ अल्लाह, तेरे नाम से, मैं तुझसे इस कपड़े की भलाई और जो भलाई इसमें है उसका सवाल करता हूँ, और इस कपड़े की बुराई और जो बुराई इसमें है उससे तेरी पनाह माँगता हूँ।

  • 18. नए कपड़े पहनने की दुआ

ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ ٱلَّذِى كَسَانِي هَذَا وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِّنِّى وَلَا قُوَّةٍ

मतलब

सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए है जिसने मुझे यह कपड़ा पहनाया और मेरी किसी कोशिश या ताक़त के बिना मुझे यह रोज़ी अता की

  • 19. कपड़े उतारने की दुआ

بِسْمِ ٱللَّهُ ٱلَّذِى لَآ إِلَـٰهَ إِلَّا هُوَ

मतलब

अल्लाह के नाम से, जिसके सिवा कोई माबूद नहीं

  • 20. फ़ज्र की नमाज़ से पहले की दुआ

ٱللَّهُمَّ إِنِّىٓ أَعُوذُ بِكَ مِن ضِيقِ ٱلدُّنْيَا وَضِيقِ يَوْمِ ٱلْقِيَـٰمَةِ

मतलब

ऐ अल्लाह, मैं दुनिया की तंगी और क़यामत के दिन की तंगी से तेरी पनाह माँगता हूँ। (अबू दाऊद ने रिवायत किया)

  • 21. सुबह के वक़्त की दुआ

ٱللَّهُمَّ بِكَ أَصْبَحْنَا وَبِكَ أَمْسَيْنَا وَبِكَ نَحْيَا وَبِكَ نَمُوتُ وَإِلَيْكَ ٱلنُّشُورُ

मतलब

ऐ अल्लाह, तेरी ही वजह से हमने सुबह की और शाम की, तेरी ही वजह से हम जीते हैं और मरते हैं और तेरी ही तरफ़ हमें लौटना है।

  • 22. शाम के वक़्त की दुआ

ٱللَّهُمَّ بِكَ أَمْسَيْنَا وَبِكَ أَصْبَحْنَا وَبِكَ نَحْيَا وَبِكَ نَمُوتُ وَإِلَيْكَ ٱلْمَصِيرُ

मतलब

ऐ अल्लाह, तेरी ही वजह से हमने शाम की और सुबह की, तेरी ही वजह से हम जीते हैं और मरते हैं और तेरी ही तरफ़ हमें लौटना है।

  • 23. आईना देखने की दुआ

ٱللَّهُمَّ كَمَا حَسَّنتَ خَلْقِي فَحَسِّنْ خُلُقِي

मतलब

ऐ अल्लाह, जैसे तूने मेरा जिस्म अच्छा बनाया है, वैसे ही मेरे अख़लाक़ भी अच्छे कर दे

  • 24. मस्जिद जाने की दुआ

ٱللَّهُمَّ ٱجْعَلْ فِى قَلْبِى نُورًا . وَفِى بَصَرِي نُورًا . وَفِى سَمْعِي نُورًا . وَعَن يَمِينِي نُورًا . وَعَن يَسَارِي نُورًا . وَفَوْقِي نُورًا . وَتَحْتِي نُورًا . وَأَمَامِي نُورًا . وَخَلْفِي نُورًا . وَٱجْعَل لِّى نُورًا

मतलब

ऐ अल्लाह, मेरे दिल में नूर कर दे। मेरी आँखों में नूर। मेरे कानों में नूर। मेरे दाएँ नूर। मेरे बाएँ नूर। मेरे ऊपर नूर। मेरे नीचे नूर। मेरे आगे नूर। मेरे पीछे नूर। और मुझे नूर अता फ़रमा।

  • 25. मस्जिद में दाख़िल होने की दुआ

ٱللَّهُمَّ ٱفْتَحْ لِىٓ أَبْوَٰبَ رَحْمَتِكَ

मतलब

ऐ अल्लाह, मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे

  • 26. मस्जिद से निकलने की दुआ

ٱللَّهُمَّ إِنِّىٓ أَسْأَلُكَ مِن فَضْلِكَ

मतलब

ऐ अल्लाह, मैं तुझसे तेरे फ़ज़्ल का सवाल करता हूँ

  • 27. अज़ान के बाद की दुआ

ٱللَّهُمَّ رَبَّ هَذِهِ ٱلدَّعْوَةِ ٱلتَّامَّةِ وَٱلصَّلَوٰةِ ٱلْقَائِمَةِ ٱئْتِ مُحَمَّدًا ٱلْوَسِيلَةَ وَٱلْفَضِيلَةَ وَٱبْعَثْهُ مَقَامًا مَّحْمُودًا ٱلَّذِى وَعَدْتَهُ

मतलब

ऐ अल्लाह, इस मुकम्मल पुकार और क़ायम होने वाली नमाज़ के रब, मुहम्मद को वसीला और फ़ज़ीलत अता फ़रमा, और उन्हें उस मक़ाम-ए-महमूद पर पहुँचा जिसका तूने उनसे वादा किया है।

  • 28. सवारी पर बैठने की दुआ

سُبْحَـٰنَ ٱلَّذِى سَخَّرَ لَنَا هَـٰذَا وَمَا كُنَّا لَهُۥ مُقْرِنِينَ وَإِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ

मतलब

पाक है वह ज़ात जिसने इसे हमारे क़ाबू में कर दिया, हालाँकि हम इसे क़ाबू में करने वाले न थे। और बेशक हम अपने रब की तरफ़ लौटकर जाने वाले हैं।

  • 29. बाज़ार में दाख़िल होने की दुआ

لَآ إِلَـٰهَ إِلَّا ٱللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ ٱلْمُلْكُ وَلَهُ ٱلْحَمْدُ، يُحْيِي وَيُمِيتُ وَهُوَ حَيٌّ لَّا يَمُوتُ، بِيَدِهِ ٱلْخَيْرُ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ قَدِيرٌ

मतलब

अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं। बादशाही उसी की है और सारी तारीफ़ उसी के लिए है। वही ज़िंदगी देता है और मौत देता है, और वह ज़िंदा है जिसे कभी मौत नहीं आएगी। सारी भलाई उसी के हाथ में है और वह हर चीज़ पर क़ादिर है।

  • 30. खाने से पहले की दुआ

ٱللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِيمَا رَزَقْتَنَا وَقِنَا عَذَابَ ٱلنَّارِ

मतलब

ऐ अल्लाह, जो रोज़ी तूने हमें दी है उसमें बरकत दे और हमें जहन्नम की आग के अज़ाब से बचा

  • 31. खाने के बाद की दुआ

ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ ٱلَّذِىٓ أَطْعَمَنَا وَسَقَانَا وَجَعَلَنَا مُسْلِمِينَ

मतलब

सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए है जिसने हमें खिलाया, पिलाया और हमें मुसलमानों में से बनाया।

  • 32. बारिश होते वक़्त की दुआ

ٱللَّهُمَّ صَيِّبًا نَّافِعًا

मतलब

ऐ अल्लाह, फ़ायदेमंद बारिश बरसा। (बुख़ारी ने आइशा से रिवायत किया)

  • 33. तेज़ बारिश के नुक़सान का डर हो तो दुआ

ٱللَّهُمَّ حَوَالَيْنَا وَلَا عَلَيْنَا، ٱللَّهُمَّ عَلَى ٱلْـَٔاكَامِ وَٱلظِّرَابِ، وَبُطُونِ ٱلْأَوْدِيَةِ، وَمَنَابِتِ ٱلشَّجَرِ

मतलब

ऐ अल्लाह, हमारे आस-पास बरसा, हम पर नहीं। ऐ अल्लाह, टीलों, ऊँची ज़मीनों, वादियों और पेड़ उगने की जगहों पर बरसा। (बुख़ारी और मुस्लिम ने रिवायत किया)

  • 34. बारिश के बाद की दुआ

مُطِرْنَا بِفَضْلِ ٱللَّهِ وَرَحْمَتِهِ

मतलब

अल्लाह के फ़ज़्ल और उसकी रहमत से हम पर बारिश हुई। (बुख़ारी ने रिवायत किया)

  • 35. जंगली जानवर का सामना होने पर दुआ

إِنَّهُۥ مِن سُلَيْمَـٰنَ وَإِنَّهُۥ بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

मतलब

बेशक यह ख़त सुलैमान की तरफ़ से है और बेशक इसमें (लिखा) है: अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। (सूरह अन-नम्ल: 30)

  • 36. रोज़ी में हमेशा किफ़ायत की दुआ

ٱللَّهُمَّ ٱكْفِنِي بِحَلَالِكَ عَنْ حَرَامِكَ، وَأَغْنِنِي بِفَضْلِكَ عَمَّن سِوَاكَ

मतलब

ऐ अल्लाह, अपने हलाल के ज़रिए मुझे अपने हराम से बचाकर काफ़ी हो जा, और अपने फ़ज़्ल से मुझे अपने सिवा हर किसी से बेनियाज़ कर दे। (अहमद ने रिवायत किया)

  • 37. बालों में कंघी करते वक़्त की दुआ

ٱللَّهُمَّ حَرِّمْ شَعْرِي وَبَشَرِي عَلَى ٱلنَّارِ

मतलब

ऐ अल्लाह, मेरे बालों और मेरी खाल को जहन्नम की आग से बचा

  • 38. इल्म माँगने की दुआ

رَبِّ زِدْنِى عِلْمًا

मतलब

ऐ मेरे रब, मेरे इल्म में इज़ाफ़ा फ़रमा

  • 39. हिदायत माँगने की दुआ

ٱللَّهُمَّ ٱهْدِنَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ

मतलब

ऐ अल्लाह, हमें सीधा रास्ता दिखा

अपना ज़िक्र गिन रहे हैं?

मुफ़्त ऑनलाइन तस्बीह इस्तेमाल करें, या Dzikir App में रिमाइंडर और हिस्ट्री के साथ अपना ज़िक्र जारी रखें।

ऑनलाइन तस्बीह खोलें

App Store

Google Play

वेब ऐप

Mac App Store

Microsoft Store

Snap Store

और अज़कार और दुआएँ

सुबह के अज़कारशाम के अज़कारनमाज़ के बाद के अज़कारचुनिंदा दुआएँवुज़ू की दुआएँहज और उमरा की दुआएँरमज़ान की दुआएँ

टेक्स्ट Dzikir App से, हर आइटम के साथ दिए गए स्रोतों के साथ।

© 2026 TIM SYAAP SYAAP सर्वाधिकार सुरक्षित।

होमज़िक्र और दुआऑनलाइन तस्बीहगाइडसपोर्टप्राइवेसी पॉलिसी